इतिहास में पहली बार बहुमत के साथ गैर-कांग्रेसी सरकार की वापसी तय


अब तक के रुझानों में कमल ने कमाल कर दिया है। सीटों का आंकड़ा जहां एनडीए के लिए लगातार 330 के पार मंडरा रहा है तो अकेली भाजपा अपने 2014 के आंकड़ों को और बेहतर करती दिख रही है। बीते चुनावों में भाजपा को 282 सीट मिली थीं। चुनाव आयोग के आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा 290 के पार जाकर रुक सकती है। अगर सब कुछ रुझानों के मुताबिक ही सामने आता है तो देश के इतिहास में ये पहली बार होगा जब कोई गैर-कांग्रेसी सरकार अकेल दम बहुमत के साथ सत्ता में लौटी हो। अटल बिहारी वाजपेयी की अगुवाई में भाजपा ने तीन बार सरकार जरूर बनाई लेकिन कई दलों की बैसाखी के साथ। जो मौका-बेमौका भाजपा पर दबाव बनाते रहते थे। 

गिरिराज से रविशंकर तक सब आगे
मोदी की जीत की सुनामी में  गिरिराज से रविशंकर प्रसाद तक सबकी नैया पार होती नजर आ रही है। गिरिराज को नवादा से बेदखल करके बेगूसराय भेजा गया तो खूब कहा सुनी हुई लेकिन अंत में गिरिराज बड़े आराम से सीपीएम के कन्हैया कुमार को हराते दिख रहे हैं। पटना साहिब में रविशंकर प्रसाद भी अच्छे अंतर से शत्रुघ्न पर बढ़त बनाते दिख रहे हैं।